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Haryana big breaking: हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री पर सरकार का पहरा, इन 100 गानों की लिस्ट तैयार; पांच पर आज फिर लगा बैन

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Haryana big breaking:  हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री पर बढ़ा सरकार का पहरा, 100 गानों की लिस्ट तैयार; पांच पर आज फिर लगा बैन
हरियाणा सरकार ने गानों में अपराध और अपराधियों को बढ़ावा देने पर रोक लगाई है। साइबर क्राइम पुलिस ने अब तक 15 गानों को इंटरनेट मीडिया (Haryana Songs Ban) से हटाया है जिनमें से 9 गाने मशहूर सिंगर मासूम शर्मा (Singer Masoom Sharma) के हैं। हरियाणा सरकार का कहना है कि ऐसे गानों से युवा पीढ़ी दिशाभ्रमित हो रही है।
सदन में दो मंत्रियों अरविंद शर्मा व कृष्ण बेदी के समर्थन के बावजूद हटाए गए गाने
मासूम शर्मा, सुमित पारता, अमित सैनी रोहतकिया, हर्ष संधु और राज मावर के गाने हटाए
राज मावर के गानों में हरियाणवी कलाकार प्रांजल दहिया ने कर रखी एक्टिंग
हरियाणा की म्यूजिक इंडस्ट्री का कभी यह ट्रेंड नहीं रहा कि गानों में अपराध और अपराधियों को बढ़ावा दिया जाए। पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री में जरूर यह ट्रेंड देखा गया। धीरे-धीरे हरियाणा के गायकों ने पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री के इस ट्रेंड को अपने गानों में शामिल कर लिया।
इसका नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे युवा पीढ़ी इन गायकों के गानों को सुन और देखकर दिशाभ्रमित होने लगी। प्रदेश सरकार ने हरियाणा के युवाओं की इस समस्या को समझा और ऐसे तमाम गानों को सोशल मीडिया से हटाने का निर्णय लिया, जिसमें गन कल्चर को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
100 गानों की लिस्ट तैयार
हरियाणा की साइबर क्राइम पुलिस ने करीब 100 गानों की ऐसी लिस्ट तैयार की है, जिन्हें धीरे-धीरे इंटरनेट मीडिया से हटाया जाना है.। शुक्रवार और शनिवार को साइबर क्राइम पुलिस ने पांच नये गानों को इंटरनेट मीडिया से हटा दिया है। इससे पहले 10 गानों को इंटरनेट मीडिया से हटाया जा चुका है, जिसके बाद राज्य की म्यूजिक म्यूजिक इंडस्ट्री में हड़कंप मचा हुआ है।
साइबर क्राइम पुलिस ने इन पांचों गानों का हटाने की कार्रवाई उस स्थिति में अंजाम दी है, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह के मंत्रिमंडल में शामिल पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने ऐसे गानों को इंटरनेट मीडिया से नहीं हटाए जाने का अनुरोध विधानसभा में किया था।
मासूम शर्मा के हटाए गए गाने
साइबर क्राइम पुलिस ने सबसे अधिक गाने जींद जिले के ब्राह्मणवास गांव के रहने वाले मासूम शर्मा (Masoom Sharma Songs) के हटाए हैं, जिसके बाद सिंगर ने तीन दिन पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी। तब मासूम शर्मा को न्याय का भरोसा मिला था, लेकिन सरकार राज्य के किसी भी ऐसे गायक के दबाव में नहीं है, जिसके गानों में गन कल्चर और क्राइम को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मासूम शर्मा ने सरकार की इस कार्रवाई पर कहा है कि यदि ऐसा ही रवैया चलता रहा तो एक दिन युवा अश्लीलता से भरपूर दूसरे राज्यों के गानों को सुनने की तरफ मुड़ जाएंगे। उनका इशारा भोजपुरी गानों की तरफ था। मासूम शर्मा का यह भी कहना है कि हजारों गानें ऐसे हैं, जिनमें हरियाणवी कल्चर को प्रोत्साहित 
बजट सत्र में गूंजा मुद्दा
हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को बादली के कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने हरियाणवी गीतों को इंटरनेट मीडिया से हटाने का विरोध किया था। जिन कलाकारों के गीतों को यूट्यूब (इंटरनेट मीडिया) से हटाया गया है, उनमें मासूम शर्मा, सुमित पारता, अमित सैनी रोहतकिया, हर्ष संधु और राज मावर के गाने शामिल हैं।
दो गीतों में हरियाणवी कलाकार प्रांजल दहिया ने एक्टिंग कर रखी है। साइबर क्राइम पुलिस ने अमित सैनी रोहतकिया का एफिडेविट, मासूम शर्मा का दो बंदे, सुमित पारता का पिस्तौल, हर्ष संधु का बंदूक और राज मावर व मनीषा शर्मा के बदमाशी गाने को इंटरनेट मीडिया से हटा दिया है। राज मावर के गानों में प्रांजल दहिया ने एक्टिंग की है।
सिंगर सुमित पारता क्या बोले?
सुमित पारता के पिस्तौल गाने को जैसे ही सरकार की पॉलिसी का हवाला देते हुए हटाने का ऑप्शन आया, तभी सिंगर ने अपनी टेक्निकल टीम की मदद से उस गाने की जगह दूसरे गाने को रिप्लेस कर दिया।
 सुमित का पिस्तौल गाना सर्च करने पर उसकी जगह दूसरा गाना आ रहा है। यह पूरा विवाद लोक गायक मासूम शर्मा तथा सीएम के प्रचार ओएसडी गजेंद्र फोगाट की बयानबाजी के बाद शुरू हुआ था।
मासूम शर्मा ने दो बंदे गाने को दो माह पहले ही अपने आधिकारिक चैनल पर अपलोड किया था। दो माह में ही इस गाने पर 48 लाख 81 हजार 94 व्यूज आ चुके थे।
मासूम के 9 गाने बैन
अब इस गाने को पॉलिसी का हवाला देते हुए इंडिया डोमेन पर बैन कर दिया गया है। अब तक हुए 15 गानों में सबसे ज्यादा नौ गाने मासूम शर्मा के बैन हुए हैं। मासूम शर्मा को शक है कि उनके यह गाने गजेंद्र फोगाट हटवा रहे हैं, जबकि गजेंद्र फोगाट का कहना है कि यह सरकार का पालिसी के आधार पर लिया गया निर्णय लिया है।
हरियाणवी कलाकारों को राज्य की संस्कृति, खानपान और पहनावे के साथ लोकाचार बढ़ाने वाले गाने लिखने, गाने और फिल्माने चाहिएं। गन कल्चर को गानों में दिखाकर कोई कलाकार समाज का भला कैसे कर सकता है।
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