Free Laptop Yojana: 7 crores for Olympic Gold… 3 big decisions of the government
Free Laptop Yojana: दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में तीन अहम फैसले लिए हैं। रेखा गुप्ता सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना की भी शुरुआत की है।
दसवीं पास करने के बाद करीब 1200 बच्चों को मेरिट के आधार पर लैपटॉप दिया जाएगा। दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित करने का फैसला लिया है।
1.दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना की शुरूआत की
खिलाड़ियों को मेडल जीतने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई, अब ग्रुप ए व बी में नौकरी भी मिलेगी। ओलंपिक, पैरा ओलंपिक, कॉमन वेल्थ गेम्स और नेशनल गेम्स खेलकर मेडल लाने वालों को अलग-अलग श्रेणी में नौकरी देने के साथ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पहले ओलंपिक गेम्स जीतने वाले खिलाड़ियों को उनको तीन, दो और एक करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी।
अब ओलंपिक गेम्स में गोल्ड मेडल लाने वालों के लिए 7 करोड़, सिल्वर के लिए 5 करोड़ और ब्रांड के लिए तीन करोड़ दिए जाएंगे। एशियन व पैरा 2.5 से तीन करोड, डेढ़ से दो और ब्रांड के लिए एक करोड़, कॉमनवेल्थ गेम्स के में 2, 1.5 और एक करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी।
नेशनल गेम्स के लिए 11 लाख रुपये हर मेडल विजेता को दिया जाएगा। एशियन ओलंपिक गेम्स में मेडल जीतने वालों को ग्रुप ए की नौकरी मिलेगी। ब्रांड जीतने वालों को ग्रुप बी की नौकरी दी जाएगी।
पैरामेडिकल ओलंपिक में जीतने वाले वालों ग्रुप बी की नौकरी मिलेगी। इसी तरह अन्य खेलों कॉमनवेल्थ, नेशनल गेम्स में जीतने वालों को भी अलग-अलग कैटेगरी में नौकरी मिलेगी।
2. बच्चों को लैपटॉप
10वीं क्लास में अच्छे अंक में पास होने के बाद, आगे की पढ़ाई ठीक से चले, तकनीकी के साथ चले। दसवीं पास किए करीब 1200 बच्चों को मेरिट के आधार पर लैपटॉप दिया जाएगा।
आई-7 लैपटाप दिया जाएगा। आठ करोड़ रुपये की लागत से यह लैपटाप दिया जाएगा। जिससे आगे की पढ़ाई ठीक से चलते। मुख्यमंत्री डिजिटल एजुकेशन योजना के तहत दिया जाएगा। इससे छात्रों को आगे पढ़ाई में मदद मिलेगी।
3. स्कूलों में लैब
दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित करने का फैसला लिया है। दिल्ली में 1074 स्कूल है, एक भी सरकारी स्कूल में फंक्शनल कंप्यूटर लैब नहीं है।
आज के इस युग में जहां, डिजिटल एजुकेशन, रोबोटिक्स की बात हो रही है, डाटा साइंस की बात हो रही है। एआई की बात हो रही है। मगर दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए फंक्शनल कंप्यूटर लैब नहीं है।
अब दिल्ली सरकार ने एक फाउंडेशन के साथ मिलकर 100 स्कूलों में आईसीटी लैब बनाने का काम किया है। मगर केवल सीएसआर से यह काम होगा नहीं। 2015 से 2019 से 907 स्कूल में नान फंक्शनल कंप्यूटर लैब बना था। वह भारत सरकार के सर्व सिक्षा अभियान के पैसे से बना था।
लेकिन उसे भी चला नहीं पाई पिछली सरकार। 175 स्कूलों में इस सत्र में आईसीटी लैब लगाने का फैसला कैबिनेट ने किया है। सीबीएसई के अप्रूव पैरामीटर पर लगाए जाएंगे। एक लैब में 40 कंप्यूटर होंगे।