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Haryana: हरियाणा में कटे 4.73 लाख BPL कार्ड: जानें किन जिलों में सबसे ज्यादा हुए रद्द, देखें पूरी लिस्ट

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जारी किए आंकड़े, 6 महीनों में 11.83 लाख परिवार हुए बाहर—नियमों से अधिक आय, संपत्ति और वाहन बने कारण

Haryana: हरियाणा में 4.73 लाख BPL कार्ड रद्द: जिलावार देखें पूरी लिस्ट, जानें किनके राशन कार्ड हुए रद्द

 

Haryana: राज्य में BPL कार्ड धारकों की संख्या में आई बड़ी गिरावट, सरकार ने बताया—नियमों से अधिक आय और संपत्ति वाले परिवार हुए बाहर

 

चंडीगढ़: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने बीते छह महीनों में 4 लाख 73 हजार 247 BPL राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹1.80 लाख से अधिक, बिजली बिल ₹30,000 से ज्यादा और 400 गज से बड़ी संपत्ति या दोपहिया/चारपहिया वाहन पाए गए हैं, उन्हें गरीबी रेखा (BPL) सूची से बाहर कर दिया गया है।

 

हरियाणा में घटे BPL परिवारों की संख्या

अप्रैल 2025 में हरियाणा में कुल 52 लाख 50 हजार से अधिक BPL परिवार थे। लेकिन नवंबर 2025 तक यह संख्या घटकर 40 लाख 66 हजार 770 रह गई है।

पिछले दो महीनों में ही 4.73 लाख से अधिक कार्ड रद्द होने से करीब 12.89 लाख लोगों पर असर पड़ा है।

 

माह कटे BPL कार्ड प्रभावित लोग

अक्टूबर 2025 3,28,203 7,51,017

नवंबर 2025 1,45,044 5,38,262

कुल (दो माह) 4,73,247 12,89,279

 

 जिलावार आंकड़े: किन जिलों में सबसे ज्यादा कटे BPL कार्ड

 

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, अक्टूबर और नवंबर में हरियाणा के सभी जिलों में BPL कार्ड रद्द किए गए हैं। देखें जिलावार पूरी सूची

 

जिला कटे कार्डों की संख्या

अंबाला 18,659

भिवानी 23,325

चरखी दादरी 11,582

फरीदाबाद 44,575

फतेहाबाद 15,439

गुरुग्राम 36,036

हिसार 34,731

झज्जर 19,683

जींद 22,382

कैथल 17,555

करनाल 27,219

कुरुक्षेत्र 17,504

महेंद्रगढ़ 19,468

नूंह 11,696

पलवल 15,853

पंचकूला 8,579

पानीपत 21,101

रेवाड़ी 18,253

रोहतक 20,278

सिरसा 26,005

सोनीपत 25,574

यमुनानगर 17,550

कुल 4,73,247

 

 

🔹 विभाग की सफाई

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई “पात्रता सत्यापन प्रक्रिया” का हिस्सा है। जिन परिवारों की आय तय सीमा से अधिक पाई गई या जिनके पास आर्थिक रूप से सक्षम होने के प्रमाण मिले, उन्हें नियमों के अनुसार बाहर किया गया।

सरकार का कहना है कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी ताकि केवल वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को ही सस्ता राशन मिल सके।

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