Someone counter-hacked a North Korean IT worker: Here’s what they found
नॉर्थ कोरिया के आईटी वर्कर्स दुनियाभर में फर्जी नाम और पहचान से काम करने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक मामले में, एक अज्ञात हैकर ने ऐसे ही एक नॉर्थ कोरियन आईटी वर्कर को काउंटर-हैक कर दिया। इसके बाद जो जानकारियाँ सामने आईं, उन्होंने साइबर वर्ल्ड को चौंका दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस काउंटर-हैक के दौरान पता चला कि यह आईटी वर्कर अमेरिका और यूरोप की बड़ी कंपनियों के लिए गुप्त रूप से काम कर रहा था। लेकिन असल में उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा नॉर्थ कोरियन सरकार तक पहुँच रहा था। इस खुलासे ने साबित किया कि कई आईटी वर्कर्स गुप्त एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
काउंटर-हैक में जो डेटा मिला, उसमें कुछ खास बातें सामने आईं:
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फर्जी रिज़्यूमे और पहचान पत्र का इस्तेमाल।
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गुप्त सर्वरों के जरिए डाटा ट्रांसफर।
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ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में नकली योगदान।
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कमाई का ट्रैक सीधे प्योंगयांग तक।
इस हैक में कुछ ईमेल और चैट लॉग्स भी सामने आए। इनमें साफ देखा गया कि आईटी वर्कर अपनी टीम के साथ किस तरह से विदेशी कंपनियों से कमाई करता और फिर पैसे की हेराफेरी करके नॉर्थ कोरिया भेजता था। ये सब एक बहुत ही संगठित नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नॉर्थ कोरिया की अर्थव्यवस्था पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते वहाँ के लोग इस तरह की साइबर गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। आईटी स्किल्स का इस्तेमाल कर विदेशी कंपनियों से डॉलर कमाना और फिर उसे गुप्त रूप से सरकार तक पहुँचाना – ये एक तरह की ‘डिजिटल सर्वाइविंग स्ट्रेटेजी’ बन चुकी है।
यह मामला दुनिया को यह याद दिलाता है कि साइबर सुरक्षा अब केवल टेक्नोलॉजी का नहीं, बल्कि ग्लोबल पॉलिटिक्स का हिस्सा बन चुका है। जब एक हैकर नॉर्थ कोरियन आईटी वर्कर को काउंटर-हैक कर सकता है और इतना बड़ा राज़ खोल सकता है, तो सवाल यह उठता है कि आने वाले समय में साइबर वॉर और कितना खतरनाक हो सकता है।