कर्नाटक reinstates IPS Ramachandra Rao in Ranya Rao gold smuggling case fallout
Karnataka Reinstates IPS Officer Ramachandra Rao Amid Ranya Rao Gold Smuggling Scandal
रविवार, 11 अगस्त 2025 को कर्नाटक सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए IPS अधिकारी डॉ. K. रामचंद्र राव की अनिवार्य अवकाश (compulsory leave) को रद्द कर दिया और उन्हें DGP, Directorate of Civil Rights Enforcement के पद पर पुनः नियुक्त किया गया। यह बहालगी रान्या राव से जुड़े गोल्ड स्मगलिंग मामले में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ साबित हो सकता है।
मजा यह है कि उन्हें वही पोस्ट मिला है जो क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID), स्पेशल यूनिट्स और आर्थिक अपराधों के बराबर दर्जे का है, यानी ये एक सम्मानजनक और प्रभावशाली जिम्मेदारी है।
5 महीने पहले, रान्या राव—जो कि उनकी सौतेली बेटी हैं—बेंगलूरु एयरपोर्ट पर 14.2 किलोग्राम सोने के साथ गिरफ्त में आई थीं। उस समय वह COFEPOSA एक्ट के तहत हिरासत में थीं और उस पर धनशोधन में संलिप्तता के आरोप भी लग चुके थे।
सरकार ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति (जिसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य सचिव गौरव गुप्ता ने किया) होने के बावजूद, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए बिना ही बहाली का निर्देश जारी कर दिया—यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
इस बीच, Enforcement Directorate ने रान्या राव से जुड़े 34 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है—इससे मामला भ्रष्टाचार और तस्करी के बड़े जाल से जुड़ा लगता है।
अब सवाल यह उठता है—क्या यह बहाली यह संकेत है कि रामचंद्र राव को केस में कोई दोष नहीं मिला, या फिर राजनीतिक/प्रशासनिक दबाव के चलते यह कदम उठाया गया? जनता और विपक्ष इस फैसले पर अपनी-अपनी व्याख्याएं दे रहे हैं, और आने वाले दिनों में नई चुनौतियाँ और सवाल सामने आ सकते हैं।