Supreme Court’s Order to Remove All Stray Dogs Sparks Controversy
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम आदेश देते हुए देश के सभी राज्यों को सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है। इस फैसले का मकसद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बढ़ते कुत्तों के हमलों की घटनाओं पर रोक लगाना बताया गया है।
आदेश जारी होते ही सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गर्मा गया। एक पक्ष ने कोर्ट के कदम को लोगों की जान बचाने के लिए ज़रूरी बताया, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे पशु अधिकारों के खिलाफ करार दिया। ट्विटर और फेसबुक पर इस मामले से जुड़े हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं।
कुत्तों के हमलों की हालिया घटनाओं ने कई शहरों में भय का माहौल पैदा कर दिया था। आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में हज़ारों लोग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हुए हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। यह आंकड़े कोर्ट के सामने भी पेश किए गए।
दूसरी ओर, एनजीओ और एनिमल लवर्स का कहना है कि समस्या का समाधान कुत्तों को हटाना नहीं बल्कि उनका टीकाकरण, नसबंदी और उचित शेल्टर में देखभाल करना है। उनका तर्क है कि आवारा कुत्तों को हटाना अमानवीय होगा और यह पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।
कई राज्यों ने कोर्ट के आदेश का पालन करने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही योजनाबद्ध तरीके से इस अभियान को शुरू करेंगे, जिसमें लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ पशु कल्याण का भी ध्यान रखा जाएगा।
फिलहाल, यह मामला देशभर में एक बड़े सामाजिक और नैतिक विमर्श का विषय बन गया है। क्या प्राथमिकता इंसानों की सुरक्षा को दी जाए या जानवरों के अधिकारों को—इस सवाल पर जनता, सरकार और कोर्ट के बीच बहस जारी है।