Haryana board Exam 2026: 25 फरवरी से 10वीं-12वीं के एग्जाम शुरू, 2 KM के दायरे में परीक्षा केंद्र; 5.21 लाख छात्र होंगे शामिल
Haryana board Exam 2026: बोर्ड परिक्षाएं तैयारी…..
हरियाणा में 25 फरवरी से 10वीं-12वीं की परीक्षाएं : बोर्ड चेयरमैन बोले- 2 किमी. के दायरे में होंगे सेंटर; 5.21 लाख स्टूडेंट्स, आंसर सीट पर बार कोड
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा ली जाने वाली 10वीं (सेकेंडरी) और 12वीं (सीनियर सेकेंडरी) की परीक्षाएं 25 फरवरी से संभावित हैं। वहीं इस बार परीक्षाओं को लेकर शिक्षा बोर्ड द्वारा कई बदलाव किए गए हैं, चाहे वह परीक्षा केंद्र निर्धारित करना हो या फिर प्रश्न पत्र या उत्तर पुस्तिकाओं का प्रकाशन, बहुत कुछ बदला नजर आएगा।
शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने कहा कि इस बार बोर्ड परीक्षा के परीक्षा केंद्र बनाते समय यह विशेष ध्यान रखा है कि वह विद्यार्थी को सुलभ और आसानी से उपलब्ध रहे।
इसको लेकर यह निर्णय लिया गया है कि विद्यार्थी के स्कूल या गांव से परीक्षा केंद्र ज्यादा से ज्यादा एक या दो किलोमीटर दूर ही होगा। वहीं आंसर सीट पर इस बार क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। वहीं इस बार हरियाणा में पिछले साल के मुकाबले 56 हजार 468 परीक्षार्थी अधिक बोर्ड परीक्षा देंगे।
इस बार 56468 विद्यार्थी बढ़े
हरियाणा बोर्ड द्वारा ली जाने वाली बोर्ड परीक्षाओं की बात करें तो मार्च 2025 की वार्षिक परीक्षाओं के दौरान 10वीं की 2 लाख 71 हजार 499 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। वहीं 12वीं की 1 लाख 93 हजार 828 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी.प्रहलाद। इस बार 10वीं के 2 लाख 78 हजार 334 विद्यार्थी और 12वीं के 2 लाख 43 हजार 461 विद्यार्थी (कुल 5 लाख 21 हजार 795 विद्यार्थी) परीक्षा देंगे।
पिछले साल के मुकाबले इस बाद 10वीं कक्षा में 6 हजार 835 विद्यार्थी और 12वीं कक्षा में 49 हजार 633 विद्यार्थी (कुल 56 हजार 468 विद्यार्थी) बढ़े हैं।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार से बातचीत
10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर तैयारी हैं और कब से परीक्षाएं हो सकती हैं?
डॉ. पवन कुमार : सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी की वार्षिक परीक्षाओं की हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने संभावित तिथि 25 फरवरी निर्धारित की है। उसी के अनुरूप हम 10वीं-12वीं परीक्षाओं की तैयारी हम कर रहे हैं। जिसमें सबसे पहला प्वाइंट परीक्षाओं की संख्या के अनुरूप वहां के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करना और फिर केंद्रों का सिलेक्शन करना।
बोर्ड ने इस बार बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए सेंटरों को चिह्नित कर दिया है। वहीं जिन परीक्षार्थियों को सेंटरों में बैठाना है, उस प्रक्रिया लगभग फाइनल की तरफ चल रही है। साथ ही प्रश्न पत्र और आंसर सीट को लेकर भी तैयारी कर ली है। परीक्षाओं को सुचारू रूप से चलाने की जो तैयारी है, उसके लिहाज से तिथि बद्ध तरीके से चल रहे हैं।
अबकी बार 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों की संख्या में क्या अंतर आया है?
डॉ. पवन कुमार : हरियाणा बोर्ड में इस बार जो सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी की परीक्षार्थी अपीयर होने जा रहे हैं। वे पिछली बार से करीब 60 हजार से ज्यादा अधिक अपीयर होंगे अर्थात बढ़ गए हैं। यह बहुत खुशी की बात है कि इस बार दूसरे स्कूलों से यानि सीबीएससी स्कूलों से जो विद्यार्थी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में एनरोल हुए हैं।
यह अपने आप में शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सम्मान का विषय है। जो बोर्ड ने जो सेवाएं समाज को दी हैं, शायद उसी का यह परिणाम है कि समाज का विश्वास हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में बढ़ा है।
बोर्ड परीक्षाओं के लिए सेंटर कहां और कितनी दूर होंगे?
डॉ. पवन कुमार : कोशिश यही है कि किसी भी परीक्षार्थी या विद्यार्थी को अपने स्कूल या गांव से ज्यादा दूर ना जाना पड़े। क्योंकि लगभग हर गांव के आसपास सरकारी और प्राइवेट स्कूल हैं। इसके अलावा ज्यादा-से-ज्यादा दूरी होगी, जैसा कि 60 हजार परीक्षार्थी बढ़े हैं, तो नए परीक्षा केंद्र बनाए हैं।
उनमें भी दूरी होगी तो एक या दो किलोमीटर होगी। इससे ज्यादा नहीं होगी। इसके बावजूद कोशिश है कि सेंटर इतना नजदीक हो कि बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
10वीं-12वीं की परीक्षाओं के लिए बोर्ड ने और क्या तैयारी की हैं?
डॉ. पवन कुमार : बोर्ड ने सभी तैयारी पूरी कर ली है। जैसे पहले अल्फा न्यूमेरिक कोड पेपर में होता था। वह अल्फा न्यूमेरिक कोड रहेगा। इसी प्रकार से आंसर सीट (उत्तर पुस्तिका) में भी क्यूआर कोड डाला है, जो डायनामिक है। हर पेज का अलग से क्यूआर कोड है। जिसका मुख्य उद्देश्य जो आकलन प्रणाली है और जो एफआर सिस्टम हैं, उसमें सुधार करना है।
सभी विद्यार्थियों और परीक्षार्थियों को एक ही बात कहना चाहूंगा कि नकल रहित परीक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए बहुत ही सख्त लहजे में शैली पहले की तरह रहेगी। कहीं किसी प्रकार की कोताही सहन नहीं होगी। यदि कोई परीक्षार्थी या परीक्षक कोई ढील परीक्षाओं में करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।