Haryana flood crisis: 2 नेशनल हाईवे डूबे, मारकंडा नदी खतरे के पार; 6 जिलों में स्कूल बंद, गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम लागू
Haryana flood crisis: 2 नेशनल हाईवे डूबे, मारकंडा डेंजर लेवल पार:यमुनानगर, करनाल-सोनीपत में यमुना से कटाव; 6 जिलों में स्कूल बंद; गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम
Haryana flood crisis: हरियाणा में आज (2 सितंबर) सुबह से हिसार, पानीपत, यमुनानगर, करनाल, जींद, झज्जर और चरखी दादरी में रुक-रुककर बारिश हो रही है।
भिवानी, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और पंचकूला के कुछ स्कूलों में आज छुट्टी कर दी गई है। गुरुग्राम के दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी किए गए हैं। स्कूलों में भी ऑनलाइन क्लास लगाने को कहा गया है।
हिसार के कोथ कलां गांव में देर रात बारिश के कारण एक मकान की छत अचानक गिर गई। मलबे के नीचे दबने से महिला रायशा (33) की मौत हो गई, जबकि उसका पति और तीनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसके अलावा हिसार में अंग्रेजों के जमाने की 150 साल पुरानी बिल्डिंग गिर गई। गांधी चौक के पास हुए हादसे में स्कूली बच्चा बाल-बाल बच गया। इससे पहले 31 जुलाई को आई बारिश से इसी बिल्डिंग का हिस्सा गिर चुका है।
हिसार में 2 नेशनल हाईवे, कोटपुतली-बठिंडा नेशनल हाईवे-148B और हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे नंबर- 52 पानी में डूब गए हैं। यमुना नदी से यमुनानगर, सोनीपत और करनाल में जमीन का कटाव शुरू हो गया है।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में मारकंडा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। डेंजर लेवल 256 मीटर के मुकाबले अभी मारकंडा 256.05 मीटर ऊपर हो चुकी है। मारकंडा में साढे 28 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। कठवा और मुगल माजरा गांव में चारों तरफ पानी भर चुका है।
सिरसा के जोड़किया व पोहड़का गांव में भी देर रात 3 अलग-अलग मकानों की छत गिर गई, जिसमें 2 युवकों को चोटें आई हैं।