ऐलनाबाद,21 जुलाई ( रमेश भार्गव ) ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत सीएमआरजे राजकीय महाविद्यालय में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थल की सफाई अभियान चलाया गया।
भारत सरकार के ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत सी.एम.आर.जे. राजकीय महाविद्यालय, मीठी सुरेरां में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थल की साफ-सफाई एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सज्जन कुमार ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि वर्षा जल का अधिकतम संचयन वर्तमान समय की आवश्यकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से जल बचाने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. सुभाष चन्द्र ने स्वयंसेवकों को भूमिगत जल के लगातार घटते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए वर्षा जल संचयन के माध्यम से भूजल को पुनर्भरण करने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढों तथा जल संरक्षण की अन्य तकनीकों को अपनाकर भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थल की सफाई की तथा जल संरक्षण का संकल्प लिया। इस मौके पर महाविद्यालय के सभी शैक्षणिक व ग़ैर शैक्षणिक स्टाफ सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज करवाई ।