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"अंतिम दृश्य: Jyoti Chandekar के जाने से Marathi Entertainment Industry में छाया दुःख"

“Veteran Marathi Actress Jyoti Chandekar Passes Away—A Legacy of Six Decades Lives On”

परिचय 
मराठी सिनेमा और रंगमंच की एक अमिट छाप छोड़ने वाली ज्योती चांदेकर का 16 अगस्त 2025 को पुणे में निधन हो गया। मराठी जगत एक ऐसी अभिनेत्री से वंचित हो गया जिसने अभिनय को अपने जीवन की साँसों जैसी बनाया था। उनकी स्मृति हर ‘पूर्णा आजी’ की छवि के साथ जियेगी।

बातचीत में करिअर 
इन्होने मात्र 12 वर्ष की उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा और बाले-बाले कर छह दशक लंबा सफ़र तय किया। हिंदी फिल्मों से शुरुआत की, लेकिन मराठी सिनेमा और धारावाहिकों में ‘मी सिंधुताई सपकाळ’, ‘गुरु’ जैसी फिल्मों और ‘ठरलं तर मग’ जैसी लोकप्रिय श्रृंखला में अपनी आत्मीयता और भावपूर्ण अभिनय से घर-घर में जगह बनाई।

अवसान का असर 
उनके निधन की खबर से मराठी मनोरंजन जगत थम-सा गया है। कलाकार, निर्माता और दर्शक—हर कोई उनकी रौ में गुंजा हुआ महसूस कर रहा है। ‘पूर्णा आजी’ के रूप में प्रेम के साथ निभाई गई उनकी भूमिका आज भी सभी के दिलों में ताज़ा है।

श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार 
अभिनेत्री तेजस्विनी पंडित ने सोशल मीडिया पर एक मार्मिक नोट में अपनी माँ की यात्रा का दुखद समाचार साझा किया। 17 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार पुणे के वैकुंथ समाधि स्थल पर हुआ। इस भावुक अपराह्न ने परिवार, मित्रों और प्रशंसकों को एकजुट कर दिया।

वाद-विवाद व स्वास्थ्य 
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वह एक लंबी बीमारी के कारण जूझ रही थीं। हालांकि उम्र-संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का ज़िक्र है, लेकिन स्वस्थ दिखने के बावजूद वह अचानक बीमार फंसी थीं—जिससे उनकी सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ा।

विरासत और समापन 
ज्योती चांदेकर ने कला की साधना और चरित्र से जुड़ाव के कारण मराठी संस्कृति में एक अमिट नाम कमाया। चाहे वे ‘मेरी सिंधुताई सपकाळ’ की माँ हो, किसी धारावाहिक की दादा हो, या दर्शक की अपनी ‘पूर्णा आजी’—उनका प्रेम, सहजता और ईमानदार अभिनय हमेशा अमर रहेगा। उनके जाने से एक युग खत्म हो गया, लेकिन उनकी विरासत जिंदा रहेगी।

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