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WhatsApp 6 Hour Logout Rule: इन लोगों के मोबाइल पर नहीं चलेगा WhatsApp, वेब वर्जन भी 6 घंटे में हो जाएगा लॉगआउट, 1 मार्च से लागू हो रहा नया नियम

WhatsApp 6 Hour Logout Rule

WhatsApp SIM Binding Rules: सरकार ने नवंबर 2025 के आखिर में वॉट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट जैसे इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के लिए ‘सिम बाइंडिंग’ लागू करने का निर्देश दिया था. सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को इसे लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया था. ये डेडलाइन 28 फरवरी को खत्म हो रही है.

WhatsApp 6 Hour Logout Rule: 1 मार्च से बदल रहा वॉट्सऐप के इस्तेमाल का रूल

आज के समय में हर कोई इंस्टेंट मैसेजिंग के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल करता है. 140 करोड़ की आबादी वाले हिंदुस्तान में सोशल मैसेजिंग ऐप ‘WhatsApp’ के 85 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं. वॉट्सऐप हमारे पर्सनल, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, फोटो-वीडियो शेयरिंग और वीडियो कॉलिंग के लिए बेहद अहम ऐप बन चुका है. अगर इंटरनेट की वजह से कुछ देर के लिए वॉट्सऐप काम करना बंद कर दे या मैसेज डिलीवर न हो, तो हम परेशान हो जाते हैं. लेकिन, 1 मार्च से कुछ लोगों के मोबाइल नंबर पर वॉट्सऐप काम करना बंद हो जाएगा. अगर आप वॉट्सऐप के डेस्कटॉप वर्जन का इस्तेमाल ऑफिस के कामों के लिए करते हैं, तब आपको हर घंटे लॉगआउट होना होगा. नए नियम 1 मार्च 2026 से लागू होने जा रहे हैं.

1 मार्च से कौन सा नियम लागू होगा?

दरअसल, टेलीकॉम मिनिस्ट्री ने नवंबर के आखिर में वॉट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट जैसे इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के लिए ‘सिम बाइंडिंग’ लागू करने का निर्देश दिया था. सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को इसे लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया था. ये डेडलाइन 28 फरवरी को खत्म हो रही है. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने या कोई रियायत देने से साफ इनकार कर दिया है. इसके बाद साफ हो गया है कि सिम बाइंडिंग के नए नियम 1 मार्च से लागू हो जाएंगे.

क्यों नहीं बढ़ाई गई डेडलाइन?

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं. सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी. फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है.

ये सिम बाइंडिंग क्या है?

सिम बाइंडिंग एक तरह का सुरक्षा कवच है. यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ ‘लॉक’ कर देता है. जिस मोबाइल नंबर से आप इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप जैसे- वॉट्सऐप, स्नैपचैट या मैसेंजर का इस्तेमाल करते हैं, वो सिम कार्ड डिवाइस में होना जरूरी है.

सीम buinding से क्या होगा?

अब टेलीकॉम कंपनियों को 1 मार्च से सिम बाइंडिंग का नियम मानना होगा. 1 मार्च से अगर आप अपने मोबाइल से सिम हटाते हैं या सिम कार्ड डैमेज हो जाए, तो वॉट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट जैसे मैसेजिंग ऐप भी बंद हो जाएंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा.

WhatsApp के किन users को होगी परेशानी?

ऐसे यूजर्स जो बिना सिम कार्ड वाले मोबाइल नंबर पर वॉट्सऐप चलाते हैं, वो 1 मार्च से इस मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल तभी कर पाएंगे, जब फोन में सिम लगा होगा. अब तक वॉट्सऐप में एक सुविधा थी कि आप 6-डिजिट का कोड या OTP डालकर एक बार लॉगिन कर सकते थे. उसके बाद बार-बार वही सिम एक्टिव है या नहीं, ये चेक नहीं होता था. सिम निकल जाने के बाद भी वाई-फाई के जरिए उस डिवाइस पर वॉट्सऐप चल सकता था. अब ये मुमकिन नहीं हो पाएगा.

डेस्कटॉप वर्जन पर वॉट्सऐप चलाएं तो?

नए नियमों के मुताबिक, वॉट्सऐप के वेब वर्जन में भी हर 6 घंटे में अकाउंट अपने आप लॉग-आउट होने का प्रावधान है. वेब में अकाउंट यूज करने के लिए 6 घंटे के बाद दोबारा QR कोड स्कैन करके लॉग-इन किया जा सकेगा.

क्या काम पर नहीं पड़ेगा असर?

हां, इस नियम से काम पर असर होगा. इंडस्ट्री एसोसिएशन (IAMAI) ने चिंता जाहिर की है कि हर 6 घंटे में लॉगआउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा. साथ ही उन यूजर्स को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते है.

नियम नहीं माना तो क्या होगी कार्रवाई?

केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक, टेलीकॉम ​​कंपनियों को ​120 दिन के भीतर सिम-बाइंडिंग को लेकर रिपोर्ट देनी होगी. नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

 

 

 

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