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Haryana PGT Computer Science Recruitment: हरियाणा में कंप्यूटर साइंस भर्ती को हाई कोर्ट ने दी मंजूरी, अब ग्रेजुएट युवाओं को भी मिलेगा मौका

Haryana PGT Computer Science Recruitment

 

Haryana PGT Computer Science Recruitment: हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि 2012 के नियमों के तहत योग्य उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। यह फैसला उन हजारों युवाओं के लिए राहत लेकर आया है जिनकी भर्ती याचिकाओं के चलते रुक गई थी। अंतिम चयन कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा।

 

2012 नियमों के तहत योग्य उम्मीदवार शामिल….भर्ती प्रक्रिया पर रोक हटी….अंतिम चयन कोर्ट के निर्णय अधीन

 

हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2023 में जारी किए गए पीजीटी (कंप्यूटर साइंस) विषय के अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद में हाई कोर्ट ने कहा कि जब तक मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक वे सभी अभ्यर्थी, जो हरियाणा सरकार के वर्ष 2012 के नियमों के अनुसार पात्र हैं, उन्हें इस भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने दिया जाए।

 

यह आदेश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मीनाक्षी आई मेहता की खंडपीठ ने सुनाया। इस निर्णय से उन हज़ारों युवाओं को राहत मिली है, जो पीजीटी (कंप्यूटर साइंस) भर्ती के विज्ञापनों के अंतर्गत आवेदन कर चुके थे। लेकिन याचिकाओं के चलते भर्ती प्रक्रिया पर रोक लग गई थी।

 

हरियाणा सरकार ने 24 जून 2023 को दो विज्ञापन जारी किए थे जिनके माध्यम से मेवात कैडर और हरियाणा राज्य कैडर में कंप्यूटर साइंस विषय के स्नातकोत्तर अध्यापकों (पीजीटी) के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन विज्ञापनों में पात्रता के लिए स्नातक डिग्री (बीएससी/बीई/बीटेक आदि) को पर्याप्त माना गया था।

 

50 फीसदी अंकों के साथ बीएड आवश्यक

 

इसके खिलाफ कई याचिकाकर्ताओं कपिल कुमार व अन्य ने याचिकाएं दाखिल कर तर्क दिया कि यह योग्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2014 में निर्धारित की गई न्यूनतम शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता के अनुरूप नहीं है।

 

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार किसी भी माध्यमिक या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अध्यापक बनने के लिए अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री और बीएड अनिवार्य है।

 

ऐसे में सरकार द्वारा स्नातक को ही पात्र मानना अनुचित और नियमों के विरुद्ध है। हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि उसने इस विषय में एनसीटीई से एक बार के लिए छूट मांगी थी बिना बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों को भाग लेने की अनुमति दी जाती है।

 

PGT के लिए कोई विशिष्ट योग्यता निर्धारित नहीं

लेकिन चयनित उम्मीदवारों को वर्ष 2028 तक बीएड की डिग्री प्राप्त करनी होगी। इसके अतिरिक्त एनसीटीई ने 13 जनवरी, 2021 को एक पत्र जारी किया, जिसमें उसने यह स्पष्ट किया कि पीजीटी (कंप्यूटर साइंस) के लिए अब तक कोई विशिष्ट योग्यता निर्धारित नहीं की गई है।

 

इस आधार पर विपक्षी प्रतिवादी पक्ष ने यह तर्क दिया कि जब एनसीटीई ने स्वयं इस विषय के लिए कोई ठोस योग्यता निर्धारित नहीं की, तो सरकार द्वारा वर्ष 2012 के नियमों के अनुसार पात्रता तय करना अनुचित नहीं माना जा सकता।

 

कोर्ट ने 13 दिसंबर 2023 इस भर्ती पर रोक लगा दी थी। अब कोर्ट ने आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि पहले एनसीटीई द्वारा दी गई छूट और उसके पत्र का ज़िक्र नहीं किया गया था। इसलिए अब यह उचित होगा कि जब तक मामले का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रोका न जाए।

 

कोर्ट ने ने अपने पुराने आदेश को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए आदेश पारित किया कि वर्ष 2012 के नियमों के अनुसार जो भी अभ्यर्थी योग्य हैं, उन्हें चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाती है। अंतिम चयन कोर्ट में लंबित याचिकाओं के निर्णय के अधीन रहेगा। यदि बाद में कोर्ट यह तय करती है कि योग्यता के मानक सही नहीं थे, तो चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति रद्द भी की जा सकती है।

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