8th Pay Commission: एक जनवरी से लागू हो सकता है, 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों को फायदा होगा
8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने मंगलवार को 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी। इससे 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनधारियों को फायदा होगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आयोग अपनी सिफारिशें 18 महीनों में देगा। इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन और भत्तों की समीक्षा करेगा।
आयोग में एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक (पार्ट-टाइम) सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजन प्रकाश देसाई करेंगी।
कैबिनेट मीटिंग में रबी सीजन के लिए खादों पर 37,952 करोड़ रुपए की सब्सिडी को भी मंजूरी। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध होंगे।
`8वें वेतन आयोग में सैलरी कितनी बढ़ सकती है?`
बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, ये फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर पर निर्भर करता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। 8वें में ये 2.46 हो सकता है।
हर वेतन आयोग में DA जीरो से शुरू होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई बेसिक सैलरी पहले से ही महंगाई को ध्यान में रखकर बढ़ाई जाती है। इसके बाद DA फिर से धीरे-धीरे बढ़ता है।
अभी DA बेसिक पे का 55% है। DA के हटने से टोटल सैलरी (बेसिक + DA + HRA) में बढ़ोतरी थोड़ी कम दिख सकती है, क्योंकि 55% DA का हिस्सा हट जाएगा।
उदाहरण:
`मान लीजिए, आप लेवल 6 पर हैं और 7वें वेतन आयोग के हिसाब से आपकी मौजूदा सैलरी है:`
बेसिक पे: ₹35,400
DA (55%): ₹19,470
HRA (मेट्रो, 27%): ₹9,558
टोटल सैलरी: ₹64,428
8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट 2.46 लागू होता है, तो नई सैलरी होगी:
नई बेसिक पे: ₹35,400 x 2.46 = ₹87,084
DA: 0% (रीसेट)
HRA (27%): ₹87,084 x 27% = ₹23,513
टोटल सैलरी: ₹87,084 + ₹23,513 = ₹1,10,597
`फिटमेंट फैक्टर क्या है?`
ये एक मल्टीप्लायर नंबर है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। वेतन आयोग इसे महंगाई और लिविंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर तय करता है।
`पिछले वेतन आयोग कब बने, कब लागू हुए?`
5वां वेतन आयोग: ये अप्रैल 1994 में गठित हुआ था। रिपोर्ट जनवरी 1997 में सरकार को सौंपी गई, लेकिन सिफारिशें 1 जनवरी 1996 से ही लागू हो गईं। पहले 51 पे स्केल्स थे, इन्हें घटाकर 34 कर दिया।
छठा वेतन आयोग: ये 20 अक्टूबर 2006 को स्थापित हुआ रिपोर्ट मार्च 2008 में तैयार होकर सरकार के पास पहुंची। अगस्त 2008 में रिपोर्ट को मंजूरी मिली और सिफारिशें 1 जनवरी 2006 से लागू हुईं।
7वां वेतन आयोग: फरवरी 2014 में ये बना और मार्च 2014 तक टर्म्स ऑफ रेफरेंस फाइनल हो गए। रिपोर्ट नवंबर 2015 में सौंपी गई। जून 2016 में सरकार ने अप्रूव किया और सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हो गईं।