ऐलनाबाद, 7 सितंबर( रमेश भार्गव )
न्यायालयों में कोई नया केस दायर करने व लम्बित केस में पैरवी करने के लिए सभी सबडिविजनल एवं जिला न्यायालयों के साथ साथ उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में मुफ्त वकील उपलब्ध हैं।
उपरोक्त शब्द एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह भादू ने सबडिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आशीष आर्य के निर्देशानुसार सब-डिवीजन लीगल सर्विसेज ऑथोरिटी की ओर से रविवार को ऐलनाबाद उपमंडल के गांव कुस्सर में आयोजित कानूनी जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहे।
इस मौके पर सरपंच राजपाल कौर, गोविन्द सिंह गोदारा, राजवीर गोदारा,रेखा स्वामी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
एडवोकेट भादू ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय सबके लिए समान रूप से सुलभ हो, इसी उद्देश्य से देश के प्रत्येक न्यायालय में लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा मुफ्त वकील उपलब्ध करवाए जाते हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिला, बच्चा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विकलांग व्यक्ति अथवा किसी भी जरूरतमंद को न्यायालय में मुकदमा लड़ने के लिए वकील की फीस देने की आवश्यकता नहीं होती।
पात्र व्यक्ति आवेदन कर मुफ्त वकील की सुविधा प्राप्त कर सकता है। यह व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 39-ए के तहत सभी नागरिकों को समान न्याय का अधिकार दिलाने हेतु लागू की गई है।
अदालतों में यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति केवल पैसों की कमी के कारण न्याय से वंचित न रहे।
एडवोकेट भादू ने ग्रामीणों को न्यायालय में मुफ्त वकील प्राप्त करने एवं मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रक्रिया बहुत ही आसान है।
किसी व्यक्ति या महिला का जिस न्यायालय में उसका कोई केस चल रहा हो या उसने जिस न्यायालय में कोई नया केस दायर करना हो वहां पर आवेदन करना होता है।
इसके बाद उसके लिए मुफ्त वकील नियुक्त कर दिया जाता है।अतः न्यायालयों में मुफ्त मुफ्त वकील प्राप्त करने हेतु निःसंकोच आवेदन प्रस्तुत कर इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए.